आज की Top 10 बड़ी खबरें — 19 अगस्त 2026
सुप्रीम कोर्ट: छात्र प्रदर्शन मामले में FIR को लेकर बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें कानून के अनुसार दर्ज FIR को बंद या वापस लेने पर फैसला कर सकती हैं। हालांकि गंभीर और जघन्य अपराधों में यह राहत लागू नहीं होगी। कोर्ट ने पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग पर भी सख्त रुख अपनाया है और प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल के लिए नियम तय करने की बात कही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बैंकरों के साथ अहम बैठक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैंकिंग सेक्टर की चुनौतियों और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में विदेशी पूंजी आकर्षित करने, जमा बढ़ाने, कर्ज के प्रवाह और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहे। सरकार का फोकस बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने और अर्थव्यवस्था में निवेश तथा क्रेडिट फ्लो बढ़ाने पर है।
18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी
मानसून के सक्रिय दौर के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनियों के अनुसार कई राज्यों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में जलभराव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को मौसम संबंधी स्थानीय अलर्ट पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
भारत-जापान रिश्तों में रक्षा और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती
भारत और जापान के बीच रक्षा, आर्थिक सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए कई समझौतों और पहलों पर काम किया है। भारत-जापान सहयोग का महत्व इसलिए भी बढ़ता है क्योंकि दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, डिजिटल प्रक्रिया पर जोर
भारत की जनगणना 2027 के लिए तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। सरकार ने जनगणना के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह की व्यवस्था की है। जनगणना से मिलने वाला डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
Tata Sons में बड़ा नेतृत्व बदलाव, N. चंद्रशेखरन के बाद नई चर्चा
Tata Sons में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। चेयरमैन N. चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 में अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। इसके बाद समूह के अगले चेयरमैन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Tata Trusts के चेयरमैन Noel Tata की भूमिका भी इस उत्तराधिकार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 18 अगस्त को Tata Sons की AGM भी पर्याप्त कोरम नहीं होने के कारण स्थगित हो गई, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
एशिया कप 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम पर नजर
भारतीय क्रिकेट को लेकर इस समय प्रशंसकों की नजर आगामी बड़े मुकाबलों पर है। हालांकि पोस्टर में भारत-न्यूजीलैंड मुकाबले की जो बात दिखाई गई है, वह मौजूदा उपलब्ध मैच रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच सबसे बड़ा मुकाबला मार्च में टी20 विश्व कप फाइनल था, जिसमें भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता था।
अमेरिका और यूरोप में यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति प्रयास जारी
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। यूरोपीय संघ लगातार यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात कर रहा है तथा किसी संभावित शांति समझौते में सुरक्षा गारंटी को महत्वपूर्ण मानता है। रूस और अमेरिका के बीच भी युद्ध और संभावित बातचीत को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
SEBI के नए नियमों से निवेशकों को राहत की उम्मीद
पूंजी बाजार नियामक SEBI लगातार निवेशकों की सुरक्षा और बाजार व्यवस्था को आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव कर रहा है। 19 अगस्त 2026 से प्रतिभूतियों के ट्रांसमिशन यानी मृत्यु के बाद शेयर और निवेश कानूनी उत्तराधिकारियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया से जुड़े नए सरल नियम लागू हुए हैं। इससे परिवारों को निवेश विरासत में लेने की प्रक्रिया में राहत मिलने की उम्मीद है। SEBI निवेश प्रक्रिया को आसान और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी लगातार काम कर रहा है।
दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से चिंता, निचले इलाकों पर नजर
लगातार बारिश और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण दिल्ली में यमुना के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के आसपास और निचले इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और लोगों को सतर्क रहने की सलाह महत्वपूर्ण हो जाती है।
