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CJP का 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

Cockroach Janta Party (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि अगर Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा। यह घोषणा 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए CJP प्रदर्शन के बाद की गई। दिपके ने प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया है। CJP का विरोध मुख्य रूप से Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर है। हालांकि, मतदाता सूची में हेरफेर से जुड़े आरोप CJP और अन्य आलोचकों के दावे हैं; Election Commission ने अपने फैसलों और SIR प्रक्रिया का बचाव किया है।

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CJP का 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

03 Oct 2026 Abhishek Soni 10 Views
Cockroach Janta Party (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि अगर Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा। यह घोषणा 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए CJP प्रदर्शन के बाद की गई। दिपके ने प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया है। CJP का विरोध मुख्य रूप से Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर है। हालांकि, मतदाता सूची में हेरफेर से जुड़े आरोप CJP और अन्य आलोचकों के दावे हैं; Election Commission ने अपने फैसलों और SIR प्रक्रिया का बचाव किया है।

Cockroach Janta Party (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन करने की घोषणा की है। CJP नेता और संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह घोषणा 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद की। उनके अनुसार, यदि Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो देशभर से समर्थक दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।

दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण आंदोलन बताया और कहा कि इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाना है।

🔍 विवाद की मुख्य वजह क्या है?

इस पूरे विवाद के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनावी मतदाता सूचियों की व्यापक समीक्षा की प्रक्रिया है।

CJP और कुछ अन्य राजनीतिक/नागरिक समूहों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवाल हैं। इसी आधार पर CJP, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

हालांकि, Election Commission इन आरोपों को उसी रूप में स्वीकार नहीं करता। आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े उसके निर्णय कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं और 2025 में शुरू किए गए SIR आदेश को आयोग ने सर्वसम्मति से मंजूर किया था। आयोग ने यह भी कहा है कि पात्र लेकिन छूटे हुए मतदाताओं को दोबारा नामांकित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।